CM Sukhu Raises Himachal’s

नीति आयोग की बैठक में सुक्खू ने उठाए हिमाचल के वित्तीय मुद्दे, केंद्र से विशेष सहायता की मांग

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CM Sukhu Raises Himachal’s

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu ने प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में आयोजित NITI Aayog की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक में राज्य के वित्तीय और विकास संबंधी मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। ‘विकसित भारत के लिए समावेशी मानव विकास’ विषय पर आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने हिमाचल प्रदेश के सामने मौजूद आर्थिक चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा करते हुए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग की मांग की।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (RDG) की समाप्ति, प्राकृतिक आपदाओं से हुए भारी नुकसान, जीएसटी व्यवस्था के कारण राजस्व में आई कमी तथा जलविद्युत परियोजनाओं में मुफ्त बिजली के हिस्से में कटौती जैसे कारणों से राज्य की आर्थिक स्थिति प्रभावित हुई है। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि इन कारणों से हिमाचल प्रदेश को हुए वित्तीय नुकसान का आकलन करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाए, जो अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपे।

सुक्खू ने कहा कि आरडीजी बंद होने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। उन्होंने पहाड़ी राज्यों के लिए घोषित 25,000 करोड़ रुपये की सहायता राशि को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाकर 50,000 करोड़ रुपये करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि हिमाचल प्रदेश देश को प्रतिवर्ष लगभग 90,000 करोड़ रुपये मूल्य की पारिस्थितिकीय सेवाएं प्रदान करता है, लेकिन इसके अनुरूप आर्थिक प्रतिपूर्ति नहीं मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने बैठक में Bhakra Beas Management Board से राज्य को मिलने वाली करीब 7,000 करोड़ रुपये की बकाया राशि का मुद्दा भी उठाया। इसके अलावा उन्होंने आपदा राहत के लिए घोषित 1,500 करोड़ रुपये की विशेष सहायता तथा जीएसटी व्यवस्था लागू होने के बाद पिछले आठ वर्षों में हुए लगभग 25,000 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान की भरपाई की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को भी केंद्र के समक्ष रखा। उन्होंने Kangra Airport (गग्गल हवाई अड्डा) के विस्तार, हरित ऊर्जा परियोजनाओं को बढ़ावा देने और आधारभूत ढांचे के विकास के लिए केंद्र सरकार से सहयोग की मांग की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश जैसे पर्वतीय राज्यों की विशेष भौगोलिक परिस्थितियों और विकास संबंधी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार को अतिरिक्त वित्तीय सहायता और नीति समर्थन प्रदान करना चाहिए, ताकि राज्य विकास की गति को बनाए रख सके।